भाजपा के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह पर झूठा साक्ष्य देने के मामले में 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अगर उन्होंने जुर्माना नहीं दिया तो तीन दिन की जेल हो सकती है।
कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को झूठा साक्ष्य देने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मंगलवार को 500 रुपये का जुर्माना लगाते हुए केस समाप्त कर दिया। पूर्व सांसद ने वर्ष 1990 में नवाबगंज थाने में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रुद्रपुर विसेन निवासी उग्रसेन सिंह, देहात कोतवाली क्षेत्र के पंडरीकृपाल निवासी वीरेंद्र कुमार मिश्र और पाठकपुरवा की खैरा कॉलोनी निवासी रमेश चंद्र मिश्र को नामजद किया था। मुकदमे के ट्रायल के दौरान उग्रसेन सिंह और रमेश चंद्र मिश्र की मृत्यु हो गई। वादी मुकदमा बृजभूषण शरण सिंह स्वयं अपने पूर्व के बयान से मुकर गए। इस पर अदालत ने वीरेंद्र कुमार मिश्र को दोषमुक्त कर दिया। वहीं, झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया।इस मामले में मंगलवार को सुनवाई के दौरान जुर्म इकबाल का प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार तृतीय ने बृजभूषण शरण सिंह को 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर पूर्व सांसद को तीन दिन के कारावास की सजा भुगतनी होगी।